7 Mar 2026, Sat

कभी ‘A’ Rated Content की वजह से इन 5 फिल्मों पर लगा था बैन, अब OTT प्लेटफॉर्म्स पर हैं उपलब्ध

CBFC यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन की सख्ती से तो हम सभी वाकिफ है। फिल्में बनकर तैयार हो जाती हैं। लेकिन CBFC कई बार बोल्ड सीन और कंट्रोवर्शियल कंटेंट के कारण उन्हें रिलीज़ करने की अनुमति नहीं देता।

कुछ फिल्मों में प्रॉब्लमेटिक सीन की वजह से उन्हें पूरी तरह बैन कर दिया जाता है। इस वजह से कई फिल्में तो अभी तक सिनेमाघरों में रिलीज नहीं की गई है।

इस बीच OTT प्लेटफॉर्म ने ऐसी फिल्मों के लिए नया मंच दिया है। आज के डिजिटल दौर में आप आसानी से OTT प्लेटफॉर्म पर ये फिल्में देख सकते हैं।

इस आर्टिकल में हम आपको 5 बोल्ड और एडल्ट फिल्मों के बारे में बताएंगे, जिन्हें सालों पहले CBFC ने बैन कर दिया था। तो आइए जानते है-

1. गैंडू (Gandu)

कौशिक मुखर्जी द्वारा निर्देशित यह फिल्म 2010 में आई थी। फिल्म में सेंसुअल सीन और काफी बोल्ड कंटेंट था। इसी वजह से भारत में इसे बैन कर दिया गया। लेकिन फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब सराहा गया।

गैंडू ने 2010 के ‘साउथ एशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में बेस्ट डायरेक्टर सहित कई पुरस्कार जीते।

इसके अलावा, फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग ‘बर्लिन फिल्म फेस्टिवल’ में भी हुई थी।

2. अनफ्रीडम (Unfreedom)

फिल्म ‘अनफ्रीडम’ की बात करें तो यह साल 2014 में आई थी। फिल्म में विक्टर बनर्जी, आदिल हुसैन और प्रीति गुप्ता मुख्य भूमिका में थे।


CBFC ने इसे कई कारणों से बैन कर दिया। फिल्म में एक लेस्बियन कपल के बीच समलैंगिक संबंध भी दिखाए गए थे।

इतना ही नहीं, फिल्म में आतंकवाद एंगल भी था। भारत में बैन के बावजूद, फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तारीफ मिली। यह फिल्म 2015 में अमेरिका में रिलीज़ हुई।

3. पांच (Paanch by Anurag Kashyap)

फिल्ममेकर अनुराग कश्यप अपनी अलग हटकर कहानियों के लिए जाने जाते हैं। उनकी फिल्म ‘पांच’ साल 2001 में रिलीज़ होने वाली थी।

कहानी चार दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में दिखाया गया है कि ड्रग्स और शराब के नशे में वे अपने ही एक दोस्त का मर्डर कर देते हैं।

CBFC को लगा कि बड़े पर्दे पर नशे की लत को दिखाना सही नहीं है। ऐसे में फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं मिला।

4. द पिंक मिरर (The Pink Mirror)

फिल्ममेकर श्रीधर रंगायन अपने एक्टिविज़्म और फिल्ममेकिंग दोनों के लिए जाने जाते हैं। वे लंबे समय से LGBTQ+ कम्युनिटी के राइट्स की आवाज़ उठाते आ रहे हैं।

साल 2003 में उन्होंने ‘द पिंक मिरर’ बनाई। यह भारत की पहली ऐसी फिल्म थी। जिसमें ट्रांसजेंडर आर्टिस्ट ने लीड रोल निभाए थे।

फिल्म एक ‘बॉलीवुड-स्टाइल’ शॉर्ट मूवी है। फिल्म में दो ड्रैग क्वीन्स और एक टीनएज लड़के की कहानी दिखाती है।

5. लिपस्टिक अंडर माय बुर्का (Lipstick Under My Burkha)

इस फिल्म ने रिलीज़ से पहले ही खूब सुर्खियां बटोरीं। सेंसर बोर्ड ने इसमें 72 से ज़्यादा कट लगाएं।

हालांकि इसके बावजूद भी इसे रिलीज़ करने कि मंजूरी नहीं दी। इस मूवी की कहानी चार महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है।

जहां अलग-अलग उम्र की महिलाएं अपनी इच्छाओं को खुलकर जाहिर करती हैं। फिल्म के कुछ सीन काफी बोल्ड थे। साथ ही इसमें गालियां और ऑडियो पोर्नोग्राफिक कंटेंट भी शामिल था।

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